लाल लंगोटो हाथ में सोटो

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाल लंगोटो हाथ में सोटो,

लाल लंगोटो हाथ मे सोटो,

थारी जय जो पवन कुमार,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,

सालासर थारो देवरो है,

मेहंदीपुर थारो देवरो है,

थारे नोबत बाजे द्वार,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,

चैत्र सुदी पूनम को मेलो,

चैत्र सुदी पूनम को मेलो,

थारे आये भगत हजार,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,

तेल सिंदूर चढ़े तन ऊपर,

कोई मंगल और शनिवार,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

लाल लंगोटो हाथ में सोटो,

थारी जय जो पवन कुमार,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

थारी जय हो दीनदयाल,

मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।