ओ पापी मन करले भजन

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ओ पापी मन करले भजन,

मौका मिला है तो करले जतन ।।

जिसका मुझे था इंतजार,

ओ पापी मन करले भजन,

मौका मिला है तो करले जतन,

बाद में प्यारे पछताएगा जब,

पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।

चार दिनों का है जग का मेला,

कोई ना साथी संगी अकेला।

जैसा तू आया जग में वैसा ही तू जाएगा,

मुठ्ठी बाँध के आया जग में हाथ पसारे जाएगा,

हो बाद में प्यारे पछताएगा जब,

पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।

भाई बंधू कुटुंब कबीला,

ये तो जग का झूठा झमेला,

मरने के बाद तुझे आग में जलाएंगे,

तेरह दिनों का तेरा मातम मनाएंगे,

बाद में प्यारे पछताएगा जब,

पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।

राम नाम का सुमिरण करले,

राम जी का नाम प्यारे घट में धर ले,

राम जी का नाम प्यारे काम तेरे आएगा,

जीवन मरण से तू मुक्ति पा जायेगा,

बाद में प्यारे पछताएगा जब,

पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।