गजानन जननी तेरी जय हो

लता मंगेशकर
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजानन जननी तेरी जय हो जय हो विजय हो,

तेरा लाडला लाल गणपति गणपति हम पर स्दये हो तेरी जय हो विजय हो………

ये संगीत यात्रा है देवी बुवन की,

ये प्रस्थान मेरा गजानन नमन की,

हमे लाभ शुभ हो नही विधन भये हो,

तेरी जय हो विजय हो……….

दे विद्याया हमे मांग हमे भुधि बल दे,

हमें शब्द संगीत के फूल फल दे,

समपर्ण का साहित्य स्वर का लेह हो,

तेरी जय हो विजय हो……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।