सावरो मैया तेरो सावरो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

हमको रोज़ सताए,

ओ ओ सुन..

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

हमको रोज़ सताए,

ओ ओ सुन....

माने ना बात मैया ग्वालो को साथ लाये,

दिन हो या रात मैया पूरी बरात लाये,

हो कैसे बताये मैया कितना सताए कान्हा,

करता है तंग मैया जब भी मिल जाये कान्हा,

कैसे बताये मैया कितना सताए कान्हा,

करता है तंग मैया जब भी मिल जाये कान्हा,

उछले कूदे नाचे गाये मैया तेरो सावरो,

ग्वालो के संग धूम मचाये मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

हमको रोज़ सताए,

ओ ओ सुन...

खोले किवारिया मैया घर में घुस आये कान्हा,

माखन चुराए मैया दधि को लुड़काये कान्हा,

सावरो – सावरो सावरो – सावरो,

हो खोले किवारिया मैया घर में घुस आये कान्हा,

माखन चुराए मैया दधि को लुड़काये कान्हा,

ग्वालो को संग लेके छींके को तोड़ डाले,

पकडू जो मैया मेरी बईया मरोड़ डाले,

हाथ छुड़ाए हाथ ना आये मैया तेरो सावरो,

मीठी मीठी बात बनाये मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

हमको रोज़ सताए,

ओ ओ सुन...

आ जाये जमुना तट पे कपडे चुराए कान्हा,

चढ़के कदम पे मैया कपडे लटकाये कान्हा,

आ जाये जमुना तट पे कपडे चुराए कान्हा,

चढ़के कदम पे मैया कपडे लटकाये कान्हा,

सावरो – सावरो सावरो – सावरो,

आये पनघट पे मैया गागर को फोड़ डाले,

पकडे कलाई मैया चूडियो को तोड़ डाले,

एक ना माने अपनी ठाने मैया तेरो सावरो,

समझाए फिर भी ना माने मैया तेरो सावरो,

सोचे ना समझे मैया बातें बनाये कान्हा,

मिल जाये बंसीवट पे हमको बहकाये कान्हा,

सोचे ना समझे मैया बातें बनाये कान्हा,

एक ना माने अपनी ठाने मैया तेरो सावरो,

समझाए फिर भी ना माने मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

सावरो - सावरो मैया तेरो सावरो,

हमको रोज़ सताए,

ओ ओ सुन.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।