आरती करो छोटे लालन की

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

सखी आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की।

हा पीत झगुलिया उनके सोहे,

पीत झगुलिया उनके सोहे,

हा पीत झगुलिया उनके सोहे,

पीत झगुलिया उनके सोहे,

हा गल मोतियन के मालन की,

गल मोतियन के मालन की,

हा गल मोतियन के मालन की,

गल मोतियन के मालन की,

सखी आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की।

हा भाल पे इनके तिलक विराजे,

भाल पे इनके तिलक विराजे,

हा भाल पे इनके तिलक विराजे,

भाल पे इनके तिलक विराजे,

इन घुंघराले बालन की,

इन घुंघराले बालन की,

हा इन घुंघराले बालन की,

इन घुंघराले बालन की,

सखी आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की।

हा रतनजड़ित कर कंकर सोहे,

रतनजड़ित कर कंकर सोहे,

हा रतनजड़ित कर कंकर सोहे,

रतनजड़ित कर कंकर सोहे,

हा इन चिकने से कपोलन की,

इन चिकने से कपोलन की,

हरी इन चिकने से कपोलन की,

इन चिकने से कपोलन की,

हा आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

सखी लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की।

हा रुनझुन रुनझुन पैजनिया बाजे,

रुनझुन रुनझुन पैजनिया बाजे,

हा रुनझुन रुनझुन पैजनिया बाजे,

रुनझुन रुनझुन पैजनिया बाजे,

हरी देखो इनकी चालन की,

देखो इनकी चालन की,

हरी देखो इनकी चालन की,

देखो इनकी चालन की,

सखी आरती करो छोटे लालन की,

आरती करो छोटे लालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की,

हा लालन की गोपालन की,

लालन की गोपालन की,

हा लालन की गोपालन की,

आरती करो छोटे लालन की।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।