हम आये तेरी शरण

नरेन्द्र चंचल
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हम आये तेरी शरण,

तुझको है लाखो नमन,

हम आये तेरी शरण,

तुझको है लाखो नमन,

तू ही दाता दिलवाला,

दुखियो का रखवाला,

तू ही दाता दिलवाला,

दुखियो का रखवाला,

प्रभु करुणा प्रभु करुणा की बरसात कर दे,

हम चाकर तेरे दर के,

गजानन चाकर तेरे दर के,

प्रभु करुणा प्रभु करुणा की बरसात कर दे,

हम चाकर तेरे दर के,

गजानन चाकर तेरे दर के,

जय गणपती जय गणपती,

जय गणपती जय गणपती....

जय गणपती जय गणपती,

हमे चरणो से करना न दूर प्रभु,

हमे चरणो से करना न दूर प्रभु,

विनती करना हमारी मंज़ूर प्रभु,

विनती करना हमारी मंज़ूर प्रभु,

माफ़ कर देना सारे कसूर प्रभु,

माफ़ कर देना सारे कसूर प्रभु,

निर्दोष दाता है तू,

भाग्यविधाता है तू,

निर्दोष दाता है तू,

भाग्यविधाता है तू,

रोते हसाता है तू,

बिगड़ी बनाता है तू,

रोते हसाता है तू,

बिगड़ी बनाता है तू,

प्रभु करुणा प्रभु करुणा की बरसात कर दे,

हम चाकर तेरे दर के,

गजानन चाकर तेरे दर के,

प्रभु करुणा प्रभु करुणा की बरसात कर दे,

हम चाकर तेरे दर के,

गजानन चाकर तेरे दर के,

हम आये तेरी शरण,

तुझको है लाखो नमन,

हम आये तेरी शरण,

तुझको है लाखो नमन.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।