हे शुभकारी हे सुखदायक

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे शुभकारी हे सुखदायक,

जग दाता जगदीश्वर तुम हो,

हे शुभकारी हे सुखदायक,

जग दाता जगदीश्वर तुम हो,

गौरी नंदन गणपती देवा,

गौरी नंदन गणपती देवा,

परम पिता परमेश्वर तुम हो,

हे शुभकारी हे सुखदायक......

जिसके मन में पीत तुम्हारी,

जिसके लब पर नाम तुम्हारा,

उसको तुमने राह दिखाई,

भव सागर से पार उतारा,

सिद्धिविनायक जय हो तुम्हारी ,

सिद्धिविनायक जय हो तुम्हारी ,

सबसे बड़ा ज्ञानेश्वर तुम हो,

हे शुभकारी हे सुखदायक,

जग दाता जगदीश्वर तुम हो ,

हे शुभकारी हे सुखदाता......

हे जग वंदन हे गणनायक,

सबके कष्ट मिटाओ तुम्ही,

बीच भवर में जिसकी नैय्या,

उसको पार लगाओ तुम ही,

मंगलमूर्ति भाग्यविधाता,

मंगलमूर्ति भाग्यविधाता,

जीवन के हर पथ पर तुम हो,

हे शुभकारी हे सुखदायक,

जग दाता जगदीश्वर तुम हो ,

हे शुभकारी हे सुखदाता......

क्या क्या गाऊ गुण में तुम्हारे,

सौ पुकार किये है तुमने,

चलते चलते उलझ गया हो,

तुमसे मुक्ति पायी उसने,

गंगा जैसा उज्वल निर्मल,

गंगा जैसा उज्वल निर्मल,

शीतलता का सागर तुम हो,

हे शुभकारी हे सुखदायक,

जग दाता जगदीश्वर तुम हो ,

हे शुभकारी हे सुखदाता......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।