कहीं पे हो शयाम सांवरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कहीं परहो श्यामसांवरा, कही कन्हैया बनके ,

कहीं पे हो मुरलीवाला, कहीं गिरवर धरके..

कितने कितने नाम तुम्हारें, कितने प्यारे धाम रेे

वृंदावन में आन बसे हो , राधेरानी संग में,

द्वारीका में आप प्रभूजी, चक्र सुदर्शन कर में-॥

गोकुल मथुरा आये सबके प्यारे कान्हा बनके...

माखन चोर है कहता कोई, गैय्या का रखवाल रे..

मोर मकुट बंसीधरगिरधर,राधेके गोपाल रे-॥

नैणो से जादु करता देखो छलिया चलके...

कलयुग में अवतार लिया श्रीरामदेव कुहाये हो,

खाटु में हारे के सहारे,जय श्रीश्याम गुंजायें हो-॥

श्रीनाथजी शीश झुकाऊ"राचि" चाकर बनके...

Bhajan Writer...by..

Singer- Rakesh Chindalia"राचि"(Delhi)

9818127407

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।