ना राम नाम लीनो भरी जवानी में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ना राम नाम लीनो तन्ने भरी जवानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

ना राम नाम लीनो.....

तु जन्मों माटी में मिल जाएगा माटी में,

एक दिन काया तेरी कस जाएगी काठी में,

पानी का बबूला है मिल जाएगा पानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

ना राम नाम लीनो.....

क्यों करता मेरा मेरा, यहां कुछ भी नहीं है तेरा,

एक दिन होगा भैया तेरा मरघट में डेरा,

कुछ कमाए के लेजा रे ऐसी जिंदगानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

ना राम नाम लीनो.....

कर सच्ची भक्ति हे, भक्ति में शक्ति है,

यहाँ भक्ति से भैया मिल जाएगी मुक्ति है,

तन्ने बालपन खोया, तन्ने जवानीपन खोया,

सारा जीवन खोया यू आनाकानी में,

तू डूब के मर जा रे चुल्लू भर पानी में,

ना राम नाम लीनो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।