मिथिला मगन भई आज

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो,

जन्म भयो रामा जन्म भयो,

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो॥

मुदित जनक जी मोहरे लुटावे,

अरे देखो बांटे गईया हजार, सिया को जन्म भयो,

जन्म भयो रामा जन्म भयो,

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो॥

रानी सुनैना पलना झूलावे,

अरे लेवे बलिया हजार, सिया को जन्म भयो,

जन्म भयो रामा जन्म भयो,

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो॥

झगड़े नहीनिया बिगड़े नहीनिया,

अरे मांगे रे हीरे का हार, सिया को जन्म भयो,

जन्म भयो रामा जन्म भयो,

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो॥

मिथिला वासी मंगल गांवे,

अरे देवे वो आशीष हजार, सिया को जन्म भयो,

जन्म भयो रामा जन्म भयो,

देखो मिथिला मगन भई आज, सिया को जन्म भयो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।