सिया महारानी आई है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है,

रानी आई है सिया महारानी आई है,

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है॥

कोई सखी आगे चले कोई सखी पीछे चले,

सीता चले मधुरिया चाल सिया महारानी आई है,

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है॥

कोई सखी हार लिए कोई सखी फूल लिए,

सीता लिए पूजा का थाल सिया महारानी आई है,

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है॥

कोई सखी हाथ जोड़े कोई सखी पैर पड़े,

सीता मांग रही वरदान सिया महारानी आई है,

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है॥

दशरथ जैसे ससुरा देना, देना कौशल्या सी सास,

और पति देना श्री राम सिया महारानी आई है,

गिरिजा पूजन को भगवान सिया महारानी आई है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।