इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो मीरा से पूछो,

जहर का प्याला पी के छीना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो शबरी से पूछो,

झूठे बेर खिलाकर छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो नरसी से पूछो,

साग खिलाकर छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

‌हमरी ना मानो तो सुदामा से पूछो,

चावल खिला कर छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो यशोदा से पूछो,

माखन खिला कर छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो सखियो से पूछो,

रास रचा के छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

हमरी ना मानो तो भक्तों से पूछो,

भजन सुनाकर छीन ली ना गोविंदा मेरा,

इन्हीं सखियों ने इन्हीं सखियों ने,

इन्हीं सखियों ने छीन ली ना गोविंदा मेरा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।