तू देंदा रहे मेरे दातया

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तू देंदा रहे मेरे दातया मैं खावा तेरे नाम दा,

मैं खावा तेरे नाम दा, गुण गांवा तेरे नाम दा....

मिले जो कुछ भी मेनू दाता वंड के सदा में खावा,

दीन दुखी दी करा में सेवा सब्दा दर्द वंडावाँ,

दिल विच कदे गुमान ना आवे शोहरत दे अभिमान दा,

तू देंदा रहे मेरे दातया मैं खावा तेरे नाम दा,

मैं खावा तेरे नाम दा,गुण गांवा तेरे नाम दा....

करा नाम दी नेक कमाई अपने भाग जगावा,

जपा सदा में नाम तेरा में तेरा ही बन जावा,

झूठी इस दुनिया के अंदर सहारा तेरे नाम दा,

तू देंदा रहे मेरे दातया मैं खावा तेरे नाम दा,

मैं खावा तेरे नाम दा,गुण गांवा तेरे नाम दा....

लोका दी खुशियां विच दाता मैं वी खुश हो जावा,

नच्चा टप्पा गावा में ते रज रज मौज मनावा,

चढेया रहे मेरे उते दाता सरूर तेरे नाम दा,

तू देंदा रहे मेरे दातया मैं खावा तेरे नाम दा,

मैं खावा तेरे नाम दा,गुण गांवा तेरे नाम दा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।