भादव माष अष्टमी तिथि

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( भादव मास अष्टमी तिथि।

बुध्द दिन सुदिन भेलै रे।

ललना रे रैत अन्हरिया भेलै त

कृष्ण जी जनम लेल रे। )

गोकुला में बाजे बधईया नंद जी मगन भेला रे,

ललना रे यशोदा जी गोदिया खेलाबै,

मन हर्षित भेल रे....

सखी सब मंगल गाबय हिया हुलसाबय रे,

ललना रे चहूं दिस नौबत बाजय,

बंदी यस गबैय रे....

प्यासा पागल सोहर गाबय,

गाबि के सुनाओल रे,

ललना रे सुर मुनि फूल बर्साबै,

जय जय सुनाबय

जय जय सुनाबाय रे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।