श्री राम से कह देना

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम से कह देना एक बात अकेले में,

रोते है भरत भैया दिन रात अकेले मे॥

कैसी है कुटिल महतारी वनवास दिया है भारी,

बस यही सोच कर के रोते है अकेले में,

श्री राम से कह देना एक बात अकेले में,

रोते है भरत भैया दिन रात अकेले मे॥

वन वन में भटकते होगे मेरे राम और लक्ष्मण भैया,

और साथ भटकती होगी मेरी सीता मैया,

श्री राम से कह देना एक बात अकेले में,

रोते है भरत भैया दिन रात अकेले मे॥

मैं अन्न तभी खाऊ जब खाए दोनों भैया,

आँखों से बहे आँसू दिन रात अकेले में,

श्री राम से कह देना एक बात अकेले में,

रोते है भरत भैया दिन रात अकेले मे॥

वो लक्ष्मण बडभागी हर वक्त रहे चरणों में,

मुझे मोत नही आयी कुटिया के अँधेरे में,

श्री राम से कह देना एक बात अकेले में,

रोते है भरत भैया दिन रात अकेले मे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।