लाज मेरी रख जइयो सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा बहुत बड़ा परिवार,

लाज मेरी रख जइयो सांवरिया,

मैं जोडू दोनों हाथ भात मेरा भर जाईयो सांवरिया॥

जितने पत्ते बरगद पर सांवरिया,

मेरा उतना कुटुम परिवार,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

जितने पत्ते पीपल पर सांवरिया,

मेरे उतने देवर जेठ,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

जितने पत्ते तुलसी पर सांवरिया,

मेरे उतनी देवरानी जेठानी,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

मेरे जितने मोती माला में सांवरिया,

मेरे उतनी फूफस ननंद,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

जितने तारे अंबर में सांवरिया,

मेरे इतने बाल गोपाल,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

जितनी सांस मेरे जीवन में सांवरिया,

उतनी माला जपु सुबह शाम,

भात मेरा भर जइयो सांवरिया,

मेरा बहुत बड़ा परिवार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।