ले लो गिरिजा की खबरिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ले लो गिरिजा की खबरिया मेरे प्यारे शिव जी,

प्यारे शिवजी मेरे प्यारे भोले जी,

ले लो गिरजा की खबरिया......

पुनर्जन्म में मैंने स्वामी की थी बड़ी मनमानी,

समझाया था आपने लेकिन मैंने करी अभिमानी,

बीपता पाई रे उमरिया प्यारे शिवजी,

ले लो गिरिजा की खबरिया.....

राम लखन को वन में देखा मन में शंका आई,

बनके जानकी गई वहां पर मैं पहचान में आई,

नीची हो गई रे नजरिया प्यारे शिवजी,

ले लो गिरजा की खबरिया....

पिता ने घर में यज्ञ करण की मन में लई है ठानी,

बिना बुलाए तुमको वहां पर जाना नहीं भवानी,

रोका आपने सांवरिया प्यारे शिवजी,

ले लो गिरजा की खबरिया....

इतने पर भी मैं ना मानी पहुंची वहां पर जाई,

सिंहासन ना आपका देखा दीनी देह जलाई,

रोए सारी रे उमरिया प्यारे शिवजी,

ले लो गिरजा की खबरिया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।