खाटू वाले तू प्रेम की पाठशाला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले तू प्रेम की पाठशाला है,

प्यार के सांचे में तूने सबको ढाला है,

खाटू वाले तु प्रेम की पाठशाला है॥

यहाँ की मिट्टी से खुशबु भी प्यार की आती,

बोलियां प्यार की यहाँ पर है बोली जाती,

हर तरफ प्यार प्यार का बोलबाला है,

खाटू वाले तु प्रेम की पाठशाला है॥

तेरे खाटू में हवाएं भी प्यार से चलती,

बारिशें होती बूंदें भी प्यार से गिरती,

तेरी कुदरत का करिश्मा तो निराला है,

खाटू वाले तु प्रेम की पाठशाला है॥

प्यार लेना प्यार देना है तेरा काम यही,

देव तुझसा नहीं कुंदन ने देखा है कहीं,

दानी दातार तू बड़ा ही दिलवाला है,

खाटू वाले तु प्रेम की पाठशाला है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।