किस किस को नाच नचाए गई रे

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

किस-किस को नाच नचाए गई रे माया की चिरैया....-4

एक दिन नारद पे बैठी,

बंदर को मुखड़ा बनाए गई रे माया की चिरैया.....

एक दिना ब्रह्मा पे बैठी,

झूठा कलंक लगाए गई रे माया की चिरैया.....

एक दिना केकई पे बैठी,

राम को बन में पड़ा गई रे माया के चिरैया.....

एक दिना रावण पे बैठी,

लंका को नाश करा गई रे माया की चिरैया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।