पहले गौरी गणेश मनाया करो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पहले गौरी गणेश मनाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो॥

भोले माथे पर तेरे चंदा है,

और जटा में तेरे गंगा है,

गंगा में गोता लगाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो॥

भोले हाथ में तेरे डमरू है,

और गले सर्पो की माला है,

डमरू की धुन पर नाचाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो॥

भोले अंग भभूति रमाते हो,

और तन बाघअंबर पहनते हो,

गौरा संग रास रचाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो॥

भोले अजब तुम्हारी माया है,

और भेद किसी ने ना पाया है,

भोले की महिमा गाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।