ला चरणा दे नाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन मेरा उदास, उदास हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

श्यामा तेरा मुकुट बनावा,

हीरे मोती नाल सजावा,

श्यामा तेरे सिर ते लावा,

चमके सारी रात, रात हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

श्यामा तेरी बंसी बनावा

हीरे मोती जड़त सजावा,

श्यामा तेरे मुख नाल लावा,

बज्जे सारी रात, रात हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

श्यामा तेरे कंगन बनावा,

हीरे मोती नाल सजावा,

श्यामा तेरे हथ विच पावा,

छनके सारी रात, रात हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

श्यामा तेरी पायल बनावा,

हीरे मोती नाल सजावा,

श्यामा तेरे पैर विच पावा,

छनके सारी रात, रात हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

मन मेरा उदास, उदास हारा वालेया,

ला चरणा दे नाल, नाल हारा वालेया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।