गौरा रानी क्या लोगी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी,

गौरा रानी क्या लोगी, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

टीका तो मैं पहन के आई,

बिंदिया लगावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

हरवा तों मैं पहन के आई,

माला पहनावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

झुमके तो मैं पहन के आई,

नथनी पहनावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

कंगन तो मैं पहन के आई,

छल्ला पहनावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

पायल तो मैं पहन के आई

बिछुआ पहनावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

लहंगा तो मैं पहन के आई,

चुनरी उड़ावे भोलेनाथ, गौरा रानी क्या लोगी,

पूछ रहे भोलेनाथ गौरा रानी क्या लोगी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।