दिन होली रात दिवाली

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दिन होली रात दिवाली जे तू मेहर करे,

हर पल होवे खुशहाली जे तू मेहर करे,

दिन होली रात दिवाली जे तू मेहर करे॥

मेरी अखियां अंदर तेरा वास रहे मेरे दाता जी,

मेरे मन नू बस तेरा विश्वास रहे मेरे दाता जी,

मेरे सांवा विच तू भक्ति दा रंग भरे,

हर पल होवे खुशहाली जे तू मेहर करे॥

जिस थां तेरी ज्योत जगे ओ मंदिर है बन जावे,

गूंजे खुशियां दी शहनाई सुख चैन सब पावे,

भागा वाली था जिथे तू तो चरण धरे,

हर पल होवे खुशहाली जे तू मेहर करे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।