घनश्याम महारे हिवड़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घनश्याम महारे हिवड़े में बस जाओ बाबा श्याम,

चरण कमल को दास हु,ओ जी प्यारा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

जीवन नैया दास की, डूब रही मझधार,

जाने किया पुनचयसू ,भवसागर से पार,

घनश्याम महारो बेड़ो पार लगाओ प्यारा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

मोह माया के जाल में, दुक्ख पाउ दीन रेन ,

दर्शन दयो जी सांवरा, व्याकुल हे दो नैन,

घनश्याम थारो नटवर, रूप दिखाओ प्यारा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

करुणा सागर आप हो, सरनागत प्रतिपाल,

में सरनागत दास हु, काटो भव जंजाल,

घनश्याम महारो आवागमन,छुड़ावो बाबा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

इ थांके ब्रह्माण्ड में, लख चौरासी जून,

करनी वश सब भोगता, पाई मिनखा जुन,

घनश्याम अब तो थांके, धाम बुलावो बाबा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

जय मुरलीधर मोहना, जय ब्रिज माखन चौर,

जय जय नटवर प्राण धन, जय जय नन्द किशोर,

घनश्याम दास युगल रा नाथ कुहावो प्यारा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।