हो गई फुल किरपा

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु जी दी हो गई फुल किरपा,

हर चिंता फ़िक्र मिटाई मेहर बरसाई,

हो गई फुल किरपा..

प्रभु जी दी हो गई फुल किरपा॥

वंडदा मुरादा मुँह मंगियाँ,

सुखा दियां होइया छावा, मैं शुकर मनावा,

के हो गई फुल किरपा..

गुरु जी दी हो गई फुल किरपा॥

दिन रात उडीका लाइया सी,

अज रब ने कर सुनवाई, ते रौनक लाइ,

के हो गई फुल किरपा..

गुरु जी दी हो गई फुल किरपा॥

बलिहारी मैं सद के वारी,

तेरे वरगा होर नही होना,

के हो गई फुल किरपा..

गुरु जी दी हो गई फुल किरपा॥

कमले ते झल्ले हो गए आ,

नही पैर जमीन ते पेंदे, ते नच नच कहंदे,

के हो गई फुल किरपा..

गुरु जी दी हो गई फुल किरपा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।