हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम के सच्चे सेवक,

करे शत शत तुम्हे प्रणाम,

हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान,

श्री राम के सच्चे सेवक,

करे शत शत तुम्हे प्रणाम॥

प्रभु राम नाम के सुमिरन से बजरंगी खुश हो जाते है,

जहां राम नाम का पाठ हो तो किसी रूप में भी आ जाते है...-2

श्री राम नाम संग करते हम आपका भी गुणगान,

हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान॥

प्रभु राम के हर कारज में हनुमत बने सहाई है,

श्री राम के को लेकर के शक्ति गज़ब दिखाई है....-2

श्री राम का रस्ता रोके ना किसी में इतना जान,

हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान॥

शिव रूद्र अवतारी सब देवो से वर ये पाए हो,

तब ही लो तुम बजरंगी श्री राम भक्त कहलाए है...-2

कोई भक्त तुम्हारे जैसा जग में ना हुआ बलवान,

हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान॥

लंका जाके सीता माँ का आप ही पता लगाए थे,

जान के हाल माँ सीता का श्रीराम सदेश सुनाए थे...-2

उनको बतलाया मैं हूँ श्री राम भक्त हनुमान,

हे बजरंगी भक्त नहीं तुमसा कोई महान॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।