बजरंगी महाराज तुम्हे भक्त बुलाते हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंगी महाराज,

तुम्हे भक्त बुलाते है,

तुम्हे शीश झुकाते है॥

अज्ञान बालक है,

चरणों के पायक है,

तू ही सिरमौर है,

नादान बिलकुल है,

ये बात सच्ची है,

तेरे बिन नहीं और है,

बैठे ले उम्मीद,

तुमको आज रिझाते है,

तुम्हे शीश झुकाते है,

बजरंगी महाराज.....

तुम वीर बलकारी,

शंकर के अवतारी,

अजब तेरी शान है,

तू राम का प्यारा,

तू श्याम का प्यारा,

बड़ा तू गुणवान है,

जल्दी आ जाओ,

तेरी ज्योत जलाते है,

तुम्हे शीश झुकाते है,

बजरंगी महाराज.....

भक्ति का दाता है,

शक्ति का दाता है,

वीर बलधारी हो,

जो भी शरण आया,

खाली ना लौटाया,

बड़े उपकारी हो,

अभय दान दे दो,

यही आस लगाते है,

तुम्हे शीश झुकाते है,

बजरंगी महाराज.....

दीनो के हितकारी,

अर्जी सुनो म्हारी,

प्रभु सिर हाथ धरो,

लेकर तुम्हारा नाम,

करते तुम्हे प्रणाम,

हमें भव पार करो,

जयराम बलिहारी,

तुम्हे भजन सुनाते है,

तुम्हे शीश झुकाते है,

बजरंगी महाराज.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।