भोले बाबा रास रचावे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा रास रचावे गौरा पार्वती के संग....-4

ब्रह्मा आए विष्णु आए लक्ष्मी आई संग,

लक्ष्मी जी भी नाचन लागी पार्वती के संग,

भोले बाबा रास रचावे गौरा पार्वती के संग....

रामा आए लक्ष्मण आए सीता आई संग,

सीता जी भी नाचन लागी पार्वती के संग,

भोले बाबा रास रचावे गौरा पार्वती के संग....

बलदाऊ आए कान्हा आए राधा आई संग,

राधा जी भी नाचन लागी पार्वती के संग,

भोले बाबा रास रचावे गौरा पार्वती के संग....

ऋषि मुनि सब संत भी आए जोगन आई संग,

जोगणिया भी नाचन लागी पार्वती के संग,

भोले बाबा रास रचावे गौरा पार्वती के संग....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।