ब्रज की नगरी स्वर्ग से प्यारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल रहे तेरी जय जयकार,

बोल रहे राधे राधे श्याम,

ब्रज की नगरी स्वर्ग से प्यारी, आते भक्त हजार,

बोल रहे तेरी जय जयकार.....

तेरे दर पे जो भी आते,

ब्रज की रज माथे पे लगाते,

उनकी किस्मत ऐसे चमके,

जैसे फूलों में महक अपार,

बोल रहे तेरी जय जयकार.....

तुझे देख सब मन हर्षाते,

दिल में भारी खुशी मनाते,

अंतर्यामी जगत के स्वामी,

करते सबसे प्यार,

बोल रहे तेरी जय जयकार.....

तेरी कृपा जिस पर हो जाए,

जीवन के वो सब सुख पाए,

चांद सितारों से भी न्यारी,

कर लो सब दीदार,

बोल रहे तेरी जय जयकार.....

नारायण हरि कष्ट हरेंगे,

सबकी खाली झोली भरेंगे,

पूजे दिल से दुनिया सारी,

झूम रहा संसार,

बोल रहे तेरी जय जयकार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।