अरे किसके कितने है सांसों के ख़ज़ाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे किसके कितने है सांसों के ख़ज़ाने,

या तो राम जाने या तो श्याम जाने।।

कौन कितने का किसका साथी,

कोई ना जाने कोई ना जाने,

कब तक जलेगी जीवन बाती,

कोई ना जाने कोई ना जाने,

यम के दूत आ जाएं कब किसे लिबाने,

या तो राम जाने या तो श्याम जाने।।

इस जग में आया है प्यारे,

तू भी अकेला मैं भी अकेला,

जाएगा इस जग से प्यारे,

तू भी अकेला मैं भी अकेला,

कोई नही सगा अपना सब हैं बेगाने,

या तो राम जाने या तो श्याम जाने।।

राम नाम के गीत गाले,

ओ रे मनुआ ओ रे मनुआ,

श्याम नाम के गीत गाले,

ओ रे मनुआ ओ रे मनुआ,

‘राजेन्द्र’ हैं जग में कितने हरि के दीवाने,

या तो राम जाने या तो श्याम जाने।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।