सुनलो करुण पुकार भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुनलो करुण पुकार भोले आ जाओ,

संकट में संसार भोले आ जाओ॥

ये भोले ये जग तेरा,

अब हो गया है कैसा,

घर घर में है दुर्योधन,

घर घर में रावण बैठा, राह दिखला जाओ,

संकट में संसार भोले आ जाओ.....

झूठे है रिश्ते सारे,

झूठे है सारे नाते,

सुख में है साथ निभाते,

दुःख में सब छोड़ के जाते, तुम ही कुछ बतलाओ,

संकट में संसार भोले आ जाओ.....

कलयुग में द्रौपदी की,

फिर लाज दाव पे लागी,

कहा जाए किसको पुकारे,

वो ढूंढ रही है अभागी, लाज को बचा जाओ,

संकट में संसार भोले आ जाओ.....

मेरी भक्ति का चंदन,

हे भोले तुम्हे समपर्ण,

श्रद्धा का तिलक लगाऊं,

भोले तुम्हरा गुण गाऊ, पार लगवा जाओ,

संकट में संसार भोले आ जाओ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।