आजा श्याम आजा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल में कितने तूफ़ान,

रोज़ उठते मेरे, क्या कहूँ,

मन की पीड़ा को कब तक,

बता दे यूँ ही, मैं सहूँ,

झूठा तेरा संसार,

देदे थोड़ा सा तू प्यार

ओ श्याम मेरी बिगड़ी को,

आके बना जा।

हारे के सहारा आजा,

दिल रो रो पुकारे आजा,

विनती सुनलो सरकार,

आया हार के मैं द्वार

हारे के सहारे आजा,

आजा श्याम, आजा श्याम,

आजा श्याम, आजा श्याम.....

संभालना चाहूँ अगर,

मारता ठोकरें ये जहाँ,

लड़खड़ाता फिरूं,

क्यों ना देते हो,

तुम मुझपे ध्यान,

मेरा टूटा जाए धीर,

मेरे नैन बहाएं नीर,

ओ श्याम कोई राह,

तू ही बतला जा,

विनती सुनलो सरकार,

आया हार के मैं द्वार,

हारे के सहारे आजा,

आजा श्याम, आजा श्याम,

आजा श्याम, आजा श्याम.....

कुछ तो कह दे ज़रा,

कैसे होगी गुज़र सांवरे,

रस्ता सुनसान है संग,

जो तेरा नहीं सांवरे,

छाया घोर अन्धकार,

चलना हुआ दुश्वार,

ओ श्याम मेरी नैया,

को पार लगा जा,

विनती सुनलो सरकार,

आया हार के मैं द्वार,

हारे के सहारे आजा,

आजा श्याम, आजा श्याम,

आजा श्याम, आजा श्याम.....

तुझसे मिलने की चाह,

मेरे मन में बड़ी मेरे श्याम,

मेरे मुख में रहे हर घड़ी,

तेरा नाम तेरा नाम,

आता तेरे दरबार,

करता तेरी जय जयकार,

ओ श्याम रूबी रिधम को,

दर्श दिखा जा,

विनती सुनलो सरकार,

आया हार के मैं द्वार

हारे के सहारे आजा,

आजा श्याम, आजा श्याम,

आजा श्याम, आजा श्याम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।