दे दो अपनी नौकरी मैया जी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार,

बस इतनी तन्खा देना, बस इतनी तन्खा देना,

मेरा सुखी रहे परिवार..

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

तेरे काबिल नही है मैया फिर भी काम चला लेना,

जैसे है हम तेरे है माँ गुण अवगुण बिसरा देना,

जो तेरी कृपा होगी, जो तेरी कृपा होगी,

मेरा बना रहे घर बार...

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

तुम तो जगत की जननी हो माँ मेरी क्या औकात है,

तेरी सेवा मिल जाए माँ ये किस्मत की बात है,

मानूगी तेरा कहना मैं मानूगी तेरा कहना,

ये करती हूँ इकरार...

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

थोड़ी सी माया देकर के हमको ना तुम बहलाओ जी,

आज खड़ी हूँ सामने तेरे कोई हुकुम सुनाओ जी,

हाथ जोड़ कर बैठी मैं, हाथ जोड़ कर बैठी मैं,

शीश झुकाऊँ दिन रात..

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

अपने आँचल से मैं निश दिन तेरा भवन भुहारुगी,

फूलो और कलिओ का तुझको माँ हार पहनाऊँगी,

तन मन तुझ पे मैया जी, तन मन तुझ पे मैया जी,

मैं कर दूगी न्योछार..

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार,

बस इतनी तन्खा देना, बस इतनी तन्खा देना,

मेरा सुखी रहे परिवार..

दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।