गौरी के सूत प्यारे गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरी के सूत प्यारे गजानन, तुमको मनाते है.......-4

पिता तुम्हारे भोले बाबा,

होकर के नंदी सवार, तुमको मनाते है,

गौरी के सूत प्यारे गजानन, तुमको मनाते है......

माता तुम्हारी पार्वती है,

गौरी के सूत प्यारे गजानन, तुमको मनाते है......

भाई तुम्हारे कार्तिक जी है,

गौरी के सूत प्यारे गजानन, तुमको मनाते है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।