नैन तेरे मोटे मोटे नैन से बाते करता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैन तेरे मोटे मोटे, नैन से बाते करता,

बाल घुंगराले काले, श्याम जी बनडा लगता,

तेरा शृंगार गजब का, मोह लिया मन है सबका,

यह खुशबू इतर बड़ी से, घूमती मोर छड़ी से,

नैन तेरे मोटे मोटे, नैन से बाते करता,

बाल घुंगराले काले, श्याम जी बनडा लगता॥

हाथ में बंसी ले रिया, मधुर सी तान भी रे रिया,

जगत में सब ते सुंदर, श्याम जी ज्ञान वी दे रिया,

हाथ में बंसी ले रिया, मधुर सी तान भी रे रिया,

विराजे कान में कुंडल, भावे शोभा मुख मण्डल,

लगी फूलों की लड़ी से, तेरी तो शान बड़ी से,

नैन तेरे मोटे मोटे, नैन से बाते करता,

बाल घुंगराले काले, श्याम जी बनडा लगता॥

कदन ते कदम मिला के, श्याम के दर पे आके

भूल गया दुनियादारी, तेरा नशा मैं चड़ा के,

खड़े से पल्ला पसारे, लगाते जय जयकारे,

द्वारे भीड़ बड़ी से, नाम की मस्ती चड़ी से,

नैन तेरे मोटे मोटे, नैन से बाते करता,

बाल घुंगराले काले, श्याम जी बनडा लगता॥

खुला सु खाटू द्वारा, नैन से करे इशारा,

क्यों भटके इधर उधर तू, ईऊ बैठा शाम से प्यारा,

खुला सु खाटू द्वारा, नैन से करे इशारा,

‘कन्हैया’ गाता जावे, यू ‘दीक्षित’ लिखता जावे,

श्याम ते नजरे लड़ी से, मौज भई मेरी बड़ी से,

नैन तेरे मोटे मोटे, नैन से बाते करता,

बाल घुंगराले काले, श्याम जी बनडा लगता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।