मिग्सर का आया त्यौहार है

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - साजन मेरा उस पार है

मिग्सर का आया त्योहार है,

सज गया चुरू दरबार है,

बेठे श्री बाबोसा सरकार है,

दर्शन को दिल बेकरार है।

एक बरस का इंतजार है,

मिग्सर की पाँचम आई द्वार है,

दर्शन को अखियाँ तरसी है,

सावन के जैसे झर झर बरसी है,

होने वाला उनका दीदार है,

दर्शन को दिल बेकरार है,

मिग्सर का आया त्योहार है,

सज गया चुरू दरबार है.....

दिलबर अब किसका इंतजार है,

संग तेरे बाबोसा परिवार है,

भक्तो को मिलता जहाँ प्यार है,

प्राची वो चुरू दरबार है,

आओ हम भी चले एकबार है,

दर्शन को दिल बेकरार है,

मिग्सर का आया त्योहार है,

सज गया चुरू दरबार है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।