श्याम बिहारी ओ बनवारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बिहारी ओ बनवारी ,जीवन धन घनश्याम प्रभु अब आ जाओ,

खड्यो पुकारू अरज गुजारु,मेरो जरा सो काम

प्रभु अब आ जाओ.......

आज्या आज्या सांवरिया क्यू कर राखी देरी हे,

तेरे सु छानी कोणी जो भी हालत मेरी हे,

दीनबंधु दिनन हितकारी,दयानिधि थारो नाम

प्रभु अब आ जाओ.......

पेल्या तो आया करतो,पल की ना करतो देरी,

अब काई घाटों पड़गो,जद आई मेरी बेरी,

में तो ठाडो मेरो गाडो,आन सम्भालो श्याम

प्रभु अब आ जाओ.......

नरसी के थारो काको,जेको काज स्वारयो थो,

राधा रुक्मण ले सागे भात भरण ने जा रयो थो,

अब के घाटों,मतना नाटो दाता थारो नाम

प्रभु अब आ जाओ.......

मांगू याद करे थाने,अब क्यू देर लगावे हे,

अब तो खोलो आंखड़ल्या नित थारा गुण गावे हे,

मन्नू बोलो पलका खोलो,मने ना दूजो ठाव,

प्रभु अब आ जाओ.......

भजन रचियता :मांगेलाल महमिया झुंझुनू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।