बीती आधी रात हनुमान भी ना आए

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बीती आधी रात हनुमान भी ना आए,

हनुमान ना आए बजरंगी भी ना आए,

बीती आधी रात हनुमान भी ना आए॥

क्या ही कहूंगा मैं अयोध्या जाकर,

आ गया हूं अपने भैया नू गवा के,

कौशल्या माई मेरी रूदन बहाए,

बीती आधी रात हनुमान...........

पिता दे मरण दा गम मैनू कोई ना,

सीता दे हरण दा दुख मैनू कोई ना,

लक्ष्मण तो बगैर अब जिया नहीं जाए,

बीती आधी रात हनुमान............

इतने में हनुमान जी बूटी लेकर आ गए,

सीताराम सीताराम बोले सारी दुनिया,

बीती आधी रात हनुमान.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।