मेरी भी किस्मत बदल जायेगी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मइया मेरी महिमा तेरी गाये ये दुनिया बस हर घड़ी,

तेरे ही दर पे सवर जायेगी माँ,

मेरी भी किस्मत बदल जायेगी माँ,

मेरी भी किस्मत बदल जायेगी॥

भगती भजन करे सारा जमाना,

मइया का दर बना सबका ठिकाना....-2

सब है भिखारी तुझसे भीख लेने आते है,

मांगी मुरादें माँ तुझसे सब पाते है,

मुझको बता कब तक तड़पायेगी माँ,

तेरे ही दर पे सवर जायेगी माँ,

मेरी भी किस्मत बदल जायेगी।

भैरो भी माँ तुझे दिल से था चाहा,

मुक्ती के खातिर उसने छल था दिखाया....-2

भक्तो को माँ तू तो दर पर बुलाती है,

जिसको भी चाहे उसे अपना बनाती है,

मुझको बता कब तक बुलवायेगी माँ,

तेरे ही दर पे सवर जायेगी माँ,

मेरी भी किस्मत बदल जायेगी।

बने पुजारी तेरा विनय कलामू,

चन्दन कहे मइया मैं तुझको मानु...-2

बनके तू मइया सबपे ममता लुटाती है,

बिगड़ी हुई मात किस्मत जगाती है,

मेरे भी घर बोल कब आयेगी माँ,

तेरे ही दर पे सवर जायेगी माँ,

मेरी भी किस्मत बदल जायेगी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।