एक सहारा राम तुम्हारा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तेरा सहारा,

इक तेरा सहारा,

तेरा सहारा

इक तेरा सहारा,

एक सहारा राम तुम्हारा,

एक सहारा राम तुम्हारा,

एक सहारा राम तुम्हारा,

बाक़ी सब जग माया,

तुमने थामा हाथ हमारा,

जब कोई काम ना आया,

ऐक सहारा,

राम तुम्हारा,

ऐक सहारा,

राम तुम्हारा,

तेरा सहारा

इक तेरा सहारा,

तेरा सहारा

इक तेरा सहारा।

राम तुम्हारी शरण में आकर,

और कहाँ अब जाऊँ,

चरनों की धूली बन कर मैं,

ख़ुशक़िस्मत कहलाऊँ,

मन दर्पन में अपने,

साहिल रूप तुम्हारा पाऊँ,

एक सहारा राम तुम्हारा

एक सहारा राम तुम्हारा...

तन को रोज़ सजाऐ मानुष

मन पर मैल चढ़ाऐ

अजर अमर जैसे हो काया

कुछ ऐसे इतराऐ

तन को रोज़ सजाऐ,

मानुष मन पर मैल चढ़ाऐ,

अजर अमर जैसे हो,

काया कुछ ऐसे इतराऐ,

माटी का तन

माटी होकर

माटी में मिल जाऐ

एक सहारा राम तुम्हारा,

एक सहारा राम तुम्हारा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।