जल बरसे बिजुरिया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जल बरसे बिजुरिया चमके, चमके मोरे राम॥

छोटे से अंगना में रहनो ना जानू,

छोटा देवर मेरो उझके, उझके मोरे राम,

जल बरसे बिजुरिया चमके, चमके मोरे राम॥

कंडो से रोटी में करनो ना जानू,

अंखियों से नीर मेरे बरसे, बरसे मोरे राम,

जल बरसे बिजुरिया चमके, चमके मोरे राम॥

कुवे से पानी में भरनो ना जानू,

मेरी पतली कमरिया लचके, लचके मेरे राम,

जल बरसे बिजुरिया चमके, चमके मोरे राम॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।