श्याम से मेरी मुलाकात हो गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे श्याम से मेरी मुलाकात हो गई,

तब से खुशियों की जैसे बरसात हो गई,

मिले श्याम से नैना और फिर बात हो गई,

तब से खुशियों की जैसे बरसात हो गई॥

मुझको निहारा है उसने पुकारा किया फिर एक इशारा,

इस इशारे से बदली किस्मत सारी,

मैं तो ऐसे नैनो पे जाऊं बलिहारी,

उसी की किरपा से ये करामात हो गई,

तब से खुशियों की जैसे बरसात हो गई॥

और क्या बताऊँ मैं तुमको सुनाऊ वो लीला उस प्यारे की,

केवल नैनो का उसके खेल है सारा,

बहती जिससे निरंतर प्रेम की धारा,

छाया श्याम की जबसे मीनू के साथ हो गई,

तब से खुशियों की जैसे बरसात हो गई॥

जिसने भी जाना है श्याम को माना वही बन गया दीवाना,

खाटू नगरी से जब भी तुम जाओगे,

पाकर धीरज तुम भी फिर वहीँ आओगे,

अब दिन होली दिवाली हर रात हो गई,

तब से खुशियों की जैसे बरसात हो गई॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।