श्याम धणी की ज्योत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री श्याम धनी की जिस घर में,

ये ज्योत जगाई जाती है,

उस घर का भक्तों क्या कहना,

हर पल खुशियाँ मुस्काती है॥

जो रोज सवेरे उठ करके,

श्री श्याम को शीश नवाते हैं,

जो नाम श्याम का लेकर के ही घर से बाहर जाते हैं,

ज्योति की भभूती श्रद्धा से,

माथे पे लगाई जाती है,

उस घर का भक्तों क्या कहना,

हर पल खुशियाँ मुस्काती है॥

जहाँ श्याम को भोग लगा करके,

भोजन को परोसा जाता है,

उस भोजन को कम ना समझो,

वो तो प्रसाद बन जाता है,

उसके तो इक इक दाने में,

उस घर का भक्तों क्या कहना,

हर पल खुशियाँ मुस्काती है॥

जो मन के सच्चे भावों से,

श्री श्याम को भजन सुनाते हैं,

कैसा उनका दीवाना पन,

तन मन की सुध बिसराते हैं,

जाहाँ माता अपने बच्चों से,

श्री श्याम-श्याम बुलवाती है,

उस घर का भक्तों क्या कहना,

हर पल खुशियाँ मुस्काती है॥

ऐसे प्रेमी के घर में तो,

मेरा श्याम धणी बस जाता है,

उस घर की चिंता श्याम करे,

घर का मालिक बन जाता है,

‘बिन्नू’ उस घर के कण-कण से,

मंदिर की खुशबू आती है,

उस घर का भक्तों क्या कहना,

हर पल खुशियाँ मुस्काती है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।