मेरी बढ़ गयी है कीमत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से बसी है दिल में,

मेरे साँवरे की सूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है क़ीमत…………

पहचान मेरी ग़ुम थी,

नहीं कोई जानता था,

मेरे गुणों को जग ये,

अवगुण ही मानता था,

अपनों को भी नहीं थी,

कोई मेरी जरूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है क़ीमत,

जब से बसी है दिल में,

मेरे साँवरे की सूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है कीमत………….

है साँवरे के हाथों,

हर फ़ैसला हमारा,

दिन रात बढ़ रहा है,

अब हौंसला हमारा,

मेरा साँवरा ही मेरी,

सब से बड़ी है दौलत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है क़ीमत,

जब से बसी है दिल में,

मेरे साँवरे की सूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है कीमत…………

मैं था गवार पहले,

अब श्रेष्ठ बन गया हूँ,

उस सेठ की दया से,

अब सेठ बन गया हूँ,

मेरा साँवरा सलौना,

शुभ लाभ की है मूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है क़ीमत,

जब से बसी है दिल में,

मेरे साँवरे की सूरत,

अनमोल हो गया हूँ,

मेरी बढ़ गई है कीमत…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।