बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो……..

मकराणे को भवन निराला,

सज धज बैठ्यो खाटू वालो,

मंद मंद मुस्कावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो,

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो…………

श्याम कचहरी श्याम लगावे,

हाकिम बन के हुकम सुनावै,

साँचो न्याय चुकावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो,

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो………..

श्याम रंगीलो म्हारों लाख दातारी,

अरजी लगावे दुनियाँ सारी,

सकी की आस पुरावै रै,

म्हारों श्याम रंगीलो,

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो……….

ग्यारस की देखी सगळाइ,

बिन बोल्या होवे सुँवाईं,

बाबो परचो दिखावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो,

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो………..

हर्ष धणी के मन जो भावै,

ग्यारस ने उपचेत बणावे,

बारस मोर लगावेँ रै,

म्हारों श्याम रंगीलो,

जद जद चानण ग्यारस आवै,

खाटू में मेलो भर जावै,

बैठ्यो बैठ्यो माल लुटावे रै,

म्हारों श्याम रंगीलो……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।