हनुमान अलबेले ने

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने………

राम काज को गए गढ़ लंका,

राम नाम को बाजे डंका,

राम काज को गए गढ़ लंका,

राम नाम को बाजे डंका,

फँस गयी जान झमेले में,

झमेले में..

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने……….

लंकापति की सुनकर बाणी,

मारने लागे असुर अभिमानी,

लंकापति की सुनकर बाणी,

मारने लागे असुर अभिमानी,

ग़दर मचाई रेले में रेले में,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने………..

डरण लगे रावण के साथी,

डरण लगे रावण के साथी,

वानर कैसो जैसे हाथी,

वानर कैसो जैसे हाथी,

डरण लगे रावण के साथी,

वानर कैसो जैसे हाथी,

धड़कन कैसे तेज कलेजे में, कलेजे में,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने………..

वीरों में है जो महावीरा,

वीरों में है जो महावीरा,

राम दूत हनुमंत बल बीरा,

राम दूत हनुमंत बल बीरा,

वीरों में है जो महावीरा,

राम दूत हनुमंत बल बीरा,

काम करे सब खेले में, खेले में,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने……….

जल गयी लंका मच गयी हड़कंप,

जल गयी लंका मच गयी हड़कंप,

भजन सुनाये सोना सरगम,

भजन सुनाये सोना सरगम,

जल गयी लंका मच गयी हड़कंप,

भजन सुनाये सोना सरगम,

नाचे भगत सब मेले में, मेले में,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने,

हनुमान अलबेले ने, अलबेले ने,

लंका जलाई अकेले ने………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।