मन की बात बता दे गुरूजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मन की बात बता दे गुरूजी, बुझूं कती अकेले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं,

मन की बात बता दे गुरूजी, बुझूं कती अकेले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं॥

एक मंदिर, मंदिर में मूरत लागे प्यारी जी,

उस मूरत में शक्ति चुप रही, सब देवा ते न्यारी जी,

उस बाबा का नाम बता दे जो है संकट हारी जी,

रामपुजारी संकट हारी, बजरंगी बलकारी जी,

रामपुजारी संकट हारी, बजरंगी बलकारी जी,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं,

मन की बात बता दे गुरूजी, बुझूं कती अकेले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं॥

उस गेल लायक बाबा दिखे, गल तुलसी की माला सै,

भगवा बाणा उस साधू का संत समाधि आला सै,

इक मूरत और दिखे से हो तन पे वस्त्र काला सै,

जिसने भैरव बाबा कहते जो जग का रखवाला सै,

जिसने भैरव बाबा कहते जो जग का रखवाला सै,

भैरव पे ना तेल चढ़े यो समझे ना तू शैले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं॥

धोले बाला आला दिखे मन्ने बता के काम इका,

सबके संकट काटे स और प्रेतराज स नाम इका,

पहाड़ी दिखे देवी दिखे, खोलो भेद तमाम इका,

तीन पहाड़ पे माँ काली सै, सबसे न्यारा धाम इका,

तीन पहाड़ पे माँ काली सै, सबसे न्यारा धाम इका,

संकट काटे दे किलकारी, छोड्डे नहीं झमेले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं,

मन की बात बता दे गुरूजी, बुझूं कती अकेले में,

के बुझेगा के तेरे मन में, भरम तोड़ ड्यू चेले मैं........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।