रामजी से हमको मिला दो बजरंगी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी,

मिला दो बजरंगी, मिला दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी।

सुग्रीव तुमने राम से मिलाए,

हमसे भी मिलन करा दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

सीता जी दुःख सुनाया रघुवर को,

मेरे भी दुखड़े सुना दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

तुमने विभीषण राम से मिलाए,

हम पर दया दिखा दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

तुलसी दास श्री राम से मिलाए,

हमको भी दर्श करा दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

जीवन नैया फंसी है भंवर में,

हमको भी पार लगा दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

अमर को बजरंग आस तुम्हारी,

भक्तो के संकट मिटा दो बजरंगी,

रामजी से हमको मिला दो बजरंगी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।