तेरे होते ना होगी मेरी हार साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे होते ना होगी मेरी हार सांवरे,

मेरे दिल में बसा है तेरा प्यार साँवरे,

प्यार सांवरे, दिलदार सांवरे,

प्यार साँवरे, दिलदार साँवरे॥

तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा,

मेरा ये काम बाबा कैसे बनेगा,

मेरी बिगड़ी हुई को संवार साँवरे,

मेरे दिल में बसा है तेरा प्यार सांवरे,

प्यार सांवरे, दिलदार सांवरे,

प्यार साँवरे, दिलदार साँवरे॥

तेरे दीवानो को है तेरा सहारा,

तेरे सिवा ना बाबा कोई हमारा,

कहां जाऊंगा कुछ तो विचार साँवरे,

मेरे दिल में बसा है तेरा प्यार सांवरे,

प्यार सांवरे, दिलदार सांवरे,

प्यार साँवरे, दिलदार साँवरे॥

तू ही है पहला और अंतिम ठिकाना,

बनके रहूँगा तेरे दर का दीवाना,

‘पप्पू शर्मा’ सुनो जी सरकार सांवरे,

मेरे दिल में बसा है तेरा प्यार साँवरे,

प्यार सांवरे, दिलदार सांवरे,

प्यार साँवरे, दिलदार साँवरे॥

तेरे होते ना होगी मेरी हार सांवरे,

मेरे दिल में बसा है तेरा प्यार साँवरे,

प्यार सांवरे, दिलदार सांवरे,

प्यार साँवरे, दिलदार साँवरे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।