कीर्तन की है रात बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात,

बाबा आज थाने आणों है,

थाने कौल निभाणो है,

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात.....

हर बार सांवरिया,

अस्यो सज्यो प्यारो,

दयालू आपको,

सेवा में सांवरिया,

सगला खड़्या उडीके,

हुकम बस आपको,

सेवा में थारी,

सेवा में थारी,

म्हाने आज बिछ जाणों है,

थाने कौल निभाणो है,

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात....

जो कुछ बण्यो म्हासू,

अर्पण करूँ सारो,

प्रभु स्वीकार करो,

नादान सूं गलती,

होती ही आई है,

प्रभु मत ध्यान धरो,

नंदू सांवरिया,

नंदू सांवरिया...

थारो दास पुराणों है,

नंदू सांवरिया...

ओ थारो दास पुराणों है,

थाने कौल निभाणो है,

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात....

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात,

बाबा आज थाने आणों है,

थाने कौल निभाणो है,

कीर्तन की है रात,

कीर्तन की है रात....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।